चलते चलते ये; हम कहां आए
आँख में आंसु; नम कहां आए
रोशनी में कब; दिपक जलाते है
इस खुशी में ये; गम कहां आए
ख़ुदकुशी में दर; छोड आये हम
रफ्ता रफ्ता पर ये; दम कहां आए
आँख में आंसु; नम कहां आए
रोशनी में कब; दिपक जलाते है
इस खुशी में ये; गम कहां आए
ख़ुदकुशी में दर; छोड आये हम
रफ्ता रफ्ता पर ये; दम कहां आए