Dr. Ravipal Bharshankar

''living dangerously here & now.''

Friday, February 20, 2015


Posted by dr. ravipal bharshankar at 8:12 AM
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my poems

  • Poems
  • जानवर
  • आई तुझ्या कुशीत
  • पाहिलेल्यास शब्द वाहिलेली कविता
  • तरी ऐका बरं !
  • गज़ल : कोणी न केली शेती हो
  • खेळ सारा क्लुप्त्यांचा
  • जिवन एक शेती
  • तु जान माणसा, सुजान माणसा .!
  • तुम मेरी मृत्यु नहीं देख सकते
  • एक ही बार .. !
  • एकबार जिंदगी पे, ऐतबार करके देखो
  • "स्त्री-भृण-हत्या"
  • स्त्री-मुक्ति
  • कोई नहीं सवाली
  • तु कविताएँ लिख़; मेरे मर्तबान पे
  • टूटा टूटा पत्थर, न टूटा कोई पाणी
  • तु मुझे छोड दे
  • तेरा दिल मेरा दिल
  • मन मंदीर है
  • तु है तो जहाँ है
  • गुरू तो शिष्य से भी सीख लेते है
  • मेरी भी आँखों में,आता कोई
  • बस तुम अपना ‘ध्यान’ रखना
  • सिर्फ तुमसे !
  • ध्यान
  • नमूने हैं धरम
  • असली मजा
  • खुद ही से तलब होने का अंदाज चूक जाता है
  • ना भुल पायेंगे
  • मेरी नजर, तेरे लिए
  • प्यारी गुडीयां
  • मेरी लाखों करोडों में
  • संसद चलाते हो या मुंगसीपालटीराज
  • हरेक पल है साथ साथ तु
  • दिल्ली में जाके मरते है लोग
  • दिल है दिलेरी
  • मैं राजा, तु राणी
  • बेअदब है दुनियां
  • तेरा नाम जो भी हो सुंदरी
  • अगर जाग होती है ये जिंदगी
  • मृग जल ला दो, दो बुंदीया
  • तु ही रे मेरी खुशी
  • साथी तु मेरा
  • और जरा सा रह लेता
  • खयाल पे खयाल ना कर
  • मेरे इस गांव में
  • सरकार ना हो जाऊँ कहीं
  • लगता मैं स्कुल गया
  • अपने आप होना
  • गंगा क्या शुध्द् करता है
  • तुझे मारने वाले
  • कविता मेरी चेतना, मैं वार दूं तुम्हे
  • दिलों को जोड़ती है कविता
  • नशा है तुम्हारा
  • गणतंत्र नहीं गुणतंत्र चाहिए
  • अमिबा से ह्युमन तक
  • दिल में तुम्हें रखा हैं
  • खुदा मांग लें
  • ओ घघरी
  • आओं के सूरज को कैद करें
  • शब्दो से अब बात न बनती
  • तु ही तु अज़ीज हैं
  • वो मैं हीं तो हूँ
  • वो मन की राणी
  • अंजान अगन हैं तु
  • आना जाना ऐसा समा
  • जाने तु और जानू मैं
  • तु ही खयाल कर
  • गीतकार हूँ मैं
  • समर्पण
  • धुन सवार लें
  • एक इंसा की खोज में
  • खुदाया मैं तेरा हो ना सका
  • जीवन के रस्ते बारात मेरी
  • गर साज़ छेडो, तराना जीवन है
  • रहूँ तो ऐसे रहूँ
  • होश-ए-आजादी
  • गुजरते गुजरते, गुजर जिंदगी
  • आँखपन दे मुझको
  • समर्पित
  • कहती है दुनिया
  • फिर कब मिलोगे
  • गज़ल- मगरूर हो गए हैं
  • राजनीति को इस धरती से, दफा कर दो
  • गज़ल- अजीब इत्तेफाक है
  • गज़ल- भारत, भारत में गैर रखना
  • प्रेम
  • अभी और यहीं
  • सत्यमेव जयते
  • देव नाही ना भेव नाही
  • दिव्याप्रमाणे वातीवर
  • ये; दम कहां आए
  • लुट गये हम; शराबी !
  • गजल: माणसांच्या भीतीने
  • तरी ऐका बरं !
  • माझ्याही पेक्षा; खरच् खुप शहाणं आहे हो; पाळण्यातल...
  • खेळ सारा क्लुप्त्यांचा
  • तथागता !
  • जिवन एक शेती
  • गज़ल: मुझे सार कर दे !
  • देह परी; रामाचा नाही
  • तु जान माणसा
  • जीवन सारे कळलेले
  • विझवाया वाटा पेटलेल्या
  • खुळे बाहुले
  • आले अतिथी गेले अतिथी
  • तुझ्या सवे
  • बोधिसत्व डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांना श्रध्दांजली
  • आई बापांची सेवा
  • भूतांचा कर्दन काळ
  • सोड फुकात
  • जातीला नजरबंद करून पहा कधीतरी
  • वो दिन आज भी गुलाल है
  • वेड्याहून वेडी माया

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