प्यार है चाहत है
धड़कन में तु ही तु अज़ीज हैं
अच्छी या सच्ची है, जानू ना मैं
तुने भी चाहा ये जानू ना मैं
लेकिन क्यूँ मुझसे तु रूसवा करेगी
मरता हूँ तूझपे, तु मुझपे मरेगी
लगता हैं तेरी अदाओं से ऐसे
मुहब्बत हूँ तेरी निगाहों में जैसे
लेकिन मैं तेरी उल्फत ना जानू
दिल की मैं दस्तक मेरी ही मानू
धड़कन में तु ही तु अज़ीज हैं
अच्छी या सच्ची है, जानू ना मैं
तुने भी चाहा ये जानू ना मैं
लेकिन क्यूँ मुझसे तु रूसवा करेगी
मरता हूँ तूझपे, तु मुझपे मरेगी
लगता हैं तेरी अदाओं से ऐसे
मुहब्बत हूँ तेरी निगाहों में जैसे
लेकिन मैं तेरी उल्फत ना जानू
दिल की मैं दस्तक मेरी ही मानू